Child Development and Pedagogy CTET

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र ( Child Development and Pedagogy ) Part – 12 – पिछली परीक्षाओं में पूंछे गये महत्वपूर्ण Question and Answer

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Written by Nitin Gupta

नमस्कार दोस्तो , कैसे हैं आप ? I Hope आप सभी की पढाई अच्छी चल रही होगी 🙂

दोस्तो आज की हमारी पोस्ट बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से संबंधित उन प्रश्नों के बारे में है जिनको पिछ्ले Teaching के Exam जैसे CTET , UPTET , MP Samvida Teacher , HTET , REET आदि में कहीं न कहीं पूंछा गया है ! और आंगे आने बाले सभी तरह के Exams , जिनमें कि Child Development and Pedagogy से संबंधित प्रश्न पूंछे जाने हैं उनमें द्वारा पूंछे जाने कि पूरी पूरी संभाबना है तो आप सभी इन प्रश्नों को अच्छे से याद कर लीजिये 🙂

Child Development and Pedagogy के पिछ्ले Year के Question से संबंधित यह हमारा 12th पार्ट है व इसके अन्य पार्ट भी हम लगातार आपको अपनी बेबसाईट पर उपलब्ध कराते रहेंगे तो आप सभी से Request है कि आप हमारी बेबसाईट को विजिट करते रहिये ! 🙂

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Child Development and Pedagogy

  • कार्यात्‍मक प्रतिवद्धता सिद्धान्‍त प्रक्रिया में मुख्‍य कारक निम्‍न में से कौन सा है – पुनर्बलन
  • ”प्रशिक्षण एवं अनुभव के द्वारा व्‍यवहार में होने वाले परिवर्तनको सीखना या अधिगम कहते हैं” – गेट्स
  • एक अच्‍छे अधिगमकर्ता की प्रमुख विशेषता निम्‍न में से कौन सी है – अवधान
  • “A mind that found itself” (”ए माइन्‍ड दैट फाउन्‍ड इटसेल्‍फ”) नामक पुस्‍तक किसके द्वारा लिखी गई है – सी. डब्‍ल्‍यू बीयर्स
  • एक प्रभावी शिक्षक अपने अधिगमकर्ताओं को सामूहिक क्रियाओं में सम्मिलित करते हैं, क्‍योंकि इससे ‘सीखना’ सुगम बनाने के अतिरिक्त यह विकास करता है – समाजीकरण
  • बच्‍चों के अधिगम को सुगम बनाने के लिए अध्‍यापकों को एक अच्‍छे कक्षायी परिवेश का सृजन करने की आवश्‍यकता होती है। इस प्रकार के अधिगम परिवेश का सृजन करने के लिए नीचे दिये गये कथनों में से कौन सा सही नहीं है – अध्‍यापकों के अनुसार कार्य करना।
  • एक बच्‍चे की कॉपी में लिखने में विपरीत छवियाँ, दर्पण छवि, आदि जैसी गलतियाँ मिलती है। इस प्रकार का बच्‍चा लक्षण प्रदर्शित कर रहा है – अधिगम में अशक्तता के
  • विकृत लिखावट से संबंधितलिखने की योग्‍यता में कमी किसका एक लक्षण है – डिस्‍ग्राफिया
  • अधिगम जिसके बिना संभवनहीं है, वह है – प्रेरणा
  • ज्ञान रचनात्‍मकता सिद्धान्‍त आधारित शिक्षण का आधार है – करके सीखना
  • एकाग्रता-समय के साथ मेल बैठाने के लिए एक दत्‍त कार्य को पूरा करने के लिए आवंटित समय को घटाना और चरणबद्ध तरीके से इस एकाग्रता-समय को बढ़ाना निम्‍नलिखित में से किस प्रकार के विकास से निबटने के लिए सर्वाधिक उपयुक्‍त है – एकाग्रता-ह्रास अतिक्रियाशील विकास
  • निम्‍नलिखित कथनों में से कौन सा वाइगोत्‍स्‍की के द्वारा विकास तथा अधिगम के बीच संबंध का सर्वश्रेष्‍ठ रूप में सार प्रस्‍तुत करता है – विकास प्रक्रिया अधिगम-प्रक्रिया से पीछे रह जाती है।
  • एक द्विग भ्रमित किशोर का पथ-प्रदर्शन किया जा सकता है – उसके अच्‍छे व्‍यवहार की प्रशंसा करके
  • इनमें से कौनसी अधिगम अशक्‍तता वाले बच्‍चे की एक विशेषता है – धाराप्रवाह रूप से पढ़ने तथा शब्‍दों पर पलट कर जाने में कठिनाई
  • शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में व्‍यक्तिगत रूप से ध्‍यान देना महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि – बच्‍चों की विकास दर भिन्‍न होती है और वे भिन्‍न तरीकों से सीखते हैं।
  • किशोरावस्‍था में किशोर-किशोरियाँ अध्‍ययन के साथ-साथ टी.वी. देखना, रेडियो व ग्रामोफोन सुनना पसंद करते हैं, ये विचार है – बुड
  • ‘सूझ द्वारा सीखने के समग्राकृतिवाद’ के प्रवर्तक थे – वर्दीमर, कोफ्का एवं कोहलर
  • निम्‍नलिखित में से कौन सी अधिगम की आधारभूत शर्त है – संलग्‍नता
  • निम्‍न में से कौन अधिगम प्रक्रिया का पक्ष नहीं है – दबाव
  • निम्‍न में से कौन सा युग्‍म सही है – जॉन डीवी – संरचनावाद
  • निम्‍नलिखित में से कौन सा वाइगोत्‍सकी के सामाजिक सांस्‍कृतिक सिद्धान्‍त पर आधारित है – पारस्‍परिक शिक्षण
  • श्रवण ह्राससे ग्रसित बच्‍चे कक्षा में किससे सबसे अधिक नैराश्‍य (कुण्‍ठा) का सामना करते हैं – दूसरों के साथ संप्रेक्षण करने तथा सूचनाओं को बाँटने में अक्षमता
  • निम्‍नलिखित में से कौन सा विशिष्‍ट विकलांगता का उदाहरण है – डिसलेक्सिया
  • डिस्‍कैल्‍कुलिया किस विषय से संबंधित विकार है – अधिगम अक्षमता
  • ‘अधिगमता का स्‍व–नियमन’ का क्‍या अर्थ है – अपने सीखने का स्‍वयं अनुवीक्षण करने की योग्‍यता
  • निम्‍नलिखित में से कौन सी सामान्‍यत: सीखने की सामूहिक विधि नहीं है – प्रेक्षण
  • ‘एक महिला ने भोजन प्राप्‍त करने के लिए अपने बच्‍चे को बेच दिया।’ इस खबर को  ………… के आधार पर अच्‍छी तरह समझा जा सकता है। – पदानुक्रमिक आवश्‍यकताओं का सिद्धान्‍त
  • एक शिक्षिका अपने शिक्षिका की सदैव इस रूप में सहायता करती है कि वे एक विषय-क्षेत्र से प्राप्‍त ज्ञान को दूसरे विषय-क्षेत्रों के ज्ञान के साथ जोड़ सकें। इससे ……….. को बढ़ावा मिलता है – ज्ञान के सह संबंध एवं अंतरण
  • सम्‍बन्‍धवाद (साहचर्यवाद) के सिद्धान्‍त से कौन-सा बंध सम्‍बन्धित है – उद्दीपन व प्रतिक्रिया
  • पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्‍मक विकास के किस चरण पर बच्‍चा ‘वस्‍तु स्‍थायित्‍व’ को प्रदर्शित करताहै – पूर्व-संक्रियात्‍मक चरण
  • राबर्ट एम. गेने के अनुसार निम्‍न में से कौन-सा अधिगम का प्रकार नहीं है – अन्‍तर्दृष्टि अधिगम
  • सीखने की खेल विधि उपयोगी है – बाल्‍यावस्‍था के लिए
  • अभ्‍यास के कारण व्‍यवहार में परिवर्तन कहलाता है – अधिगम
  • निम्‍नलिखित में से कौन-सा कारक सीखने के अन्‍तर्दृष्टि सिद्धान्‍त को प्रभावित करने वाला नहीं है – अनुभव
  • एक अधिगमित प्रक्रिया का क्रमिक लुप्‍त होना कहलाता है – विलोपन
  • निम्‍नलिखित में से किसमें ऐच्छिक व्‍यवहार उसके परिणामों या पूर्विकता से शक्तिशाली या कमजोर होता है – क्रियाप्रसूत अनुबंधन
  • अधिगम आधारित होता है – अभ्‍यासपर, प्रशिक्षण पर, अनुभव पर
  • न्‍यूटन ने वृक्ष से सेब को नीचे गिरते देखा और अचानक उसने गुरूत्‍वाकर्षण के सिद्धान्‍त की खोज की। यह उदाहरण है – अंतर्दृष्टि का

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  • अधिगम प्रतिफल का तात्‍पर्य है – बालक के व्‍यवहार में होने वाला परिवर्तन
  • अनुबंधित प्रतिक्रिया सिद्धान्‍त है – अधिगम का सिद्धान्‍त
  • सीखने के सिद्धान्‍त के प्रतिपादन के लिए आई. पी. पॉवलव ने प्रयोग किया – कुत्‍ते पर
  • निम्‍न में से कौन सी प्रविधि बालकों को अनुशासन सिखाने के लिए उचित है – प्रजातांत्रिक प्रविधि
  • अव्‍यक्‍त अधिगम के सम्‍प्रत्‍यय का वर्णन अपने सिद्धान्‍त में किसने किया – टॉलमेन
  • अनुबंधित प्रतिक्रिया सिद्धान्‍त है – अधिगम का सिद्धान्‍त
  • निम्‍न में से सीखने के सिद्धान्‍तों एवं उनके प्रवर्तकों में कौन सा मेल सही है – अंतदृष्टि का सिद्धान्‍त – कोहलर, संबंध प्रतिक्रिया का सिद्धान्‍त – पॉवलाव, उत्‍तेजक अनुक्रिया का सिद्धान्‍त – थार्नडाइक
  • संज्ञानवादी विकास सिद्धान्‍त के प्रवर्तक कौन थे – जीन पियाजे
  • कोहलर का अधिगम सिद्धान्‍त निम्‍न में से किस नाम से जाना जाता है – अंतर्दृष्टि या सूझ का सिद्धान्‍त
  • एक बच्‍चा किसी डॉक्‍टर को देखने पर ही भयभीत हो जाता है क्‍योंकि उसके पूर्व के अनुभव में डॉक्‍टर के इंजेक्‍शन की सूई दिये जाने से संबंध है, यह उदाहरण है – प्राचीन अनुबंधन का
  • निम्‍न में से किस मत के अनुसार बच्‍चे सिर्फ अनुबंधनद्वारा ही नहीं अपितु अन्‍य व्‍यक्तियों को देखकर व अनुकरण करके भी सीखते हैं – सामाजिक अधिगम
  • निम्‍न में से कौन व्‍यवहारवादी नहीं है – सिग्‍मण्‍ड फ्रॉयड
  • निम्‍न में से अनुबंधन का कौन सा प्रकार उद्दीपकों के साथ साथ गठित होने पर आधारित न रहकर व्‍यवहार के परिणामों के प्रभाव पर निर्भर करता है – क्रिया प्रसूत अनुबंधन
  • धीमी गति से सीखने वाले बालकों के अध्‍यापन के लिए अधिक उपयोगी सिद्धान्‍त है – थॉर्नडाइक का सिद्धान्‍त
  • अंतर्दृष्टि पैदा होने के संबंध में कौन सा कथन सत्‍य नहीं है – अंतर्दृष्टि धीरे-धीरे पैदा होती है।
  • बीजों का अंकुरण संकल्‍पना के शिक्षण की सबसे प्रभावी प‍द्धति है – विद्यार्थियों द्वारा पौधे के बीज बोना और उसके अंकुरण के चरणों का अवलोकन करना।
  • एक प्रोफेसर बी. एफ. स्‍कीनर के नियमों के आधार पर एक परीक्षण का निर्माण कर रहा है। सम्‍प्रत्‍यय जो कि इस परीक्षण में केन्‍द्र पर होगा, वह है – पुनर्बलन अनुसूचियाँ
  • साइकिल सीखने के बाद स्‍कूटर सीखने में प्रशिक्षण का स्‍थानांतरण होगा – धनात्‍मक स्‍थानांतरण
  • अनुभवों के कारण व्‍यवहार में होने वाले अपेक्षाकृत स्‍थायी परिवर्तनों को कहा जाता है – अधिगम
  • टंकण कार्य या कम्‍प्‍यूटर पर यदि निरंतर अभ्‍यास नहीं करते हैं तो भूल जाते हैं यह किस सिद्धान्‍त के अनुसार है – थार्नडाइक के सिद्धान्‍त के अनुसार
  • गेस्‍टाल्‍टवादियों के अनुसार व्‍यक्ति किसी वस्‍तु को देखत है – समग्रता के आधार पर
  • चिम्‍पैंजी पर प्रयोग किसने किया – कोहलर
  • ‘क्रिया की सफलता से संतोष एवं असफलता से अंसंतोष होता है।’ थार्नडाईक का कौनसा नियम यह इंगित करता है – प्रभाव का नियम
  • किसी क्रिया को बार-बार दोहराने से उसका संबंध दृढ़ हो जाता है। उक्‍त कथन थार्नडाइक के किस नियम से संबंधित है – अभ्‍यास का नियम
  • निम्‍नलिखित में से कौन सा सीखने का नियम नहीं है – अभिप्रेरण का नियम
  • अधिगम का उद्देश्‍यपूर्ण व्‍यवहारवाद सिद्धान्‍त दिया – हल ने
  • बाद में सीखी गयी सामग्री यदि पूर्व में सीखी गयी सामग्री के धारण में अवरोध पैदा करे तो इस प्रक्रिया को कहेंगे – पश्‍चोन्‍मुखी अवरोध
  • ‘सामाजिक अधिगम सिद्धान्‍त’ किसने दिया – बण्‍डुरा
  • प्रयत्‍न व त्रुटि अधिगम किसने दिया – थार्नडाईक
  • मानव आवश्‍यकताओं का पदानुक्रम किसने दिया – मॉस्‍लो
  • ‘ज्ञान और अभिवृद्धि की प्राप्ति अधिगम है’ अधिगम की उपरोक्‍त परिभाषा दी है – क्रो एवं क्रो ने
  • अंतदृष्टि अधिगम सिद्धान्‍त किसने दिया – वरदाईमर, कोहलर, कॉफ्का
  • ‘करके सीखना’ का विचार दिया – जॉन डीवी ने
  • व्‍यक्ति जब दूसरे व्‍यक्ति को कुछ कार्य करते देख वह कार्य करना सीखता है, तो यह कहलाता है – अवलोकन द्वारा सीखना।
  • विस्‍मरण के प्रयोग किसने स्‍वयं पर किये – एबिंगहास
  • मैं अपनी चाबियाँ मेरे टेलीफोन के पास की खूँटी पर टाँगता था। अब मैंने चाबियाँ रखने की जगह बदल दी, फिर भी मैं चाबियाँ रखने की जगह बदल दी, फिर भी मैं चाबियाँ लेने खूँटी के पास जाता हूँ। यह उदाहरण है – अनुबंधन का
  • ……… एक प्रक्रिया है, जिसमें बालक संस्‍कृति के तौर-तरीके सीखता है – समाजीकरण
  • निष्‍पादन में परिवर्तन अभ्‍यास का फलन होता है, कहा जाता है – अधिगम
  • सूझ के सिद्धान्‍त का प्रतिपादन करने वाले मनोवैज्ञानिक थे – गेस्‍टाल्‍टवादी
  • क्‍लासिकी अनुबंधन में भोजन के प्रति लार की अनुक्रिया है – यू. सी. आर.
  • अधिगम के प्रयत्‍न और भूल सिद्धान्‍त के प्रवर्तक है – थार्नडाइक
  • गेस्‍टाल्‍टवाद के अनुसार क्‍या सबसे ज्‍यादा जरूरी है – सूझ
  • निम्‍नलिखित में से कौन सा अधिगम से प्रत्‍यक्षत: प्रभावित होता है – विकास
  • ADHD है – अवधान विकृति
  • डिस्‍लेक्सिया में बच्‍चों को परेशानी होती है – पढ़ने लिखने में
  • निम्‍नलिखित में से किससे ऐच्छिक व्‍यवहार उसके परिणामों या पूर्विकता से शक्तिशाली या कमजोर होता है – क्रियाप्रसूत अनुबंधन
  • निम्‍नलिखित में से कौन सा कारक अधिगम में बाधक होता है – अधिगमित नि:सहायता
  • निम्‍नलिखित में से कौन-सा कारक स्‍मृति से संबंधित नहीं है – अनुभूति
  • पावलॉव ने सीखने के अनुबंधन-प्रतिक्रिया सिद्धान्‍त का प्रतिपादन …. पर प्रयोग करके किया था– कुत्‍ते
  • सीखने के वक्र – सीखने की प्रगति के सूचक है।
  • बच्‍चों में गणित सीखने संबंधी अक्षमता है – डिस्‍कैलकुलिया
  • अधिगम हेतु कोहलर का प्रयोग ………. पर आधारित था – चिम्‍पांजी

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About the author

Nitin Gupta

GK Trick by Nitin Gupta पर आपका स्वागत है !! अपने बारे में लिखना सबसे मुश्किल काम है ! में इस विश्व के जीवन मंच पर एक अदना सा और संवेदनशीलकिरदार हूँ जो अपनी भूमिका न्यायपूर्वक और मन लगाकर निभाने का प्रयत्न कर रहा हूं !! आप मुझे GKTrickbyNitinGupta का Founder कह सकते है !
मेरा उद्देश्य हिन्दी माध्यम में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने बाले प्रतिभागियों का सहयोग करना है !! आप सभी लोगों का स्नेह प्राप्त करना तथा अपने अर्जित अनुभवों तथा ज्ञान को वितरित करके आप लोगों की सेवा करना ही मेरी उत्कट अभिलाषा है !!

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