IAS Motivation – आखिर क्यों होते हैं अभ्यर्थी IAS में असफल ?

IAS Success Tips in Hindi 

नमस्कार दोस्तो आज हम आपको शरद तिवारी सर द्वारा लिखा गया एक महत्वपूर्ण लेख क्यों होते हैं अभ्यर्थी आई. ए. एस. में असफल ? बताने जा रहे है , जिससे कि आप दूसरों की असफलताओं से सीखकर खुद सफल हो सकें ! दोस्तो शरद सर के लेख आपने पहले भी हमारी Website पर पढें है ! और ढेर सारा प्यार दिया है ! तो दोस्तो लेख पढने के बाद अपनी महत्वपूर्ण राय हमें Comment Box में अवश्य दें ! तो चलिये दोस्तो शुरु करते है शरद सर के शब्दों में !




यह उन सभी छात्रों के लिए है जो विगत कई वर्षों से तयारी कर रहे हैं पर आज तक सफलता उनके हाथ नहीं लगी है और उन छात्रों के लिए भी जो तैयारी शुरू करना चाहते हैं , असफलता के बहुत सारे पहलू होते हैं पर कुछ जिसमे कुछ आप की तैयारी के कारण होते हैं और कुछ आपकी तैयारी करने के ढंग के कारण आज हम दोनों पर विचार करते हैं !
Reason – 1 संघ लोक सेवा आयोग इस परीक्षा के माध्यम से कुशल प्रशासनिक अधिकारी खोजना चाहता है तो परीक्षा का स्वरुप भी कुछ इसी प्रकार तैयार किया जाता है परीक्षा में पूछे गए सारे प्रश्न कहीं न कहीं जानकार तो लगते हैं पर उनके बारे में हम 2 , 4 लाइन्स से ज्यादा नहीं लिख पाते क्योंकि हम ख़ास ख़ास के चक्कर में आम को भूल जाते हैं और उन सारे पहलुओं को छोड़ देते हैं जो परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होते हैं !


Reason – 2 असफलता का एक कारण किताबों का भंडार बनता है क्योंकि इस परीक्षा का स्वरुप इतना विस्तृत है कि हम कुछ नया सीखने कि ललक में एक ही विषय की कई लेखकों की किताबे पड़ते हैं बस असफलता की कहानी यहीं से शुरू हो जाती है क्योंकि हर लेखक अपनी किताब को कुछ नया स्वरुप देने के चक्कर में कुछ ऐसे पहलू भी शामिल कर देता है जो अन्य किताबों से भिन्न होते हैं और जब हम एक ही सन्दर्भ में दो पहलुओं को देखते है तो हम भ्रमित हो जाते है , इसलिए मेरा आप सब से विनम्र निवेदन है कि दस लेखकों कि कि किताब पड़ने से बेहतर है कि एक ही किताब को दस बार पढ़े !

Reason – 3 अब बारी है आपके नकारात्मक सोच की , कभी कभी ऐसा होता है कि हमारी तैयारी तो पूरी हो जाती है पर नकारात्मक सोच के कारण परीक्षा भवन में जल्दबाजी कर जाते हैं और फिर पछताते भी हैं पर कहा गया है न कि , तब पछताए होत का जब चिड़िया चुन गयीं खेत , तो अपनी सोच को पूरी तैयारी के दौरान सकारात्मक बनाये रखें !


Reason – 4 कई बार ऐसा होता है कि किसी विषय में हम सारी चीजें रटने में लगे रहते हैं पर फिर भी वो सब परीक्षा में नहीं आता और जो छात्र केवल एक प्रश्न याद करके परीक्षा में गया वही प्रश्न आ गया यह कोई किस्मत का खेल नहीं है बल्कि उस छात्र को प्रश्नों के ढंग के बारे में पूरा ज्ञान था तो उसने अपना समय एवं मेहनत कम दी !


Reason – 5 अब बात आती है वैकल्पिक करियर की लोगों की मान्यताएं हैं की इस परीक्षा के साथ कोई वैकल्पिक करियर बनाये रखना चाहिए पर मेरे हिसाब से ये एक मूर्खता है क्योंकि आई ए एस भी इंसान ही बनते हैं और वो कुछ अलग काम नहीं करते बस उनके हर काम को करने का तरीका अलग होता है , अगर कोई भी तैयारी , करो या मरो सोच पर की जाये तो मानिये कि आप कभी असफल नहीं हो सकते

” लक्ष्य के प्रति नकारात्मक भावना और वैकल्पिक लक्ष्य की सोच ही हमे हमारी मंज़िल से कोसों दूर लेकर खड़ा कर देती है “




Reason – 6  आई ए एस में सफल होने का एक मुख्य कारण कोचिंग संस्थान भी हैं आज दिल्ली के मुखर्जी नगर में 300 से भी अधिक कोचिंग संस्थान हैं जो सभी खुद को सफलतम संस्थान बताते हैं जिससे छात्र मानसिक रूप से विचलित हो जाता है और भ्रमित होकर गलत संस्थान में प्रवेश ले लेता है जहाँ उसे सफल मार्गदर्शन नहीं मिल पता है , अतएव पहले संस्थानों को परखें फिर प्रवेश लें !

Reason – 7 इस परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी ऐसा भी सोचते हैं की कोचिंग संस्थान उन्हें सफलता की घूंटी देगा और वह सफल हो जायेंगे मतलब खुद की मेहनत को किनारे करके कोचिंग के भरोसे एक आई ए एस अधिकारी बनने के सपने देखता है और अंत में असफल होता है , अतः अभ्यर्थियों आपसे निवेदन है कि कोचिंग को मार्गदर्शन के रूप में लें किसी करिश्माई घूंटी के रूप में नहीं !


Reason – 8 कई कोचिंग संस्थान लाखों रुपये के विज्ञापन देते हैं की हमने इतने आई ए एस बनाये , हमने इतने बनाये……………., पर छात्रों क्या कोचिंग संस्थान आपके प्रश्न पत्र हल करने जाता है ? क्या कोचिंग संस्थान आपका इंटरव्यू देता है ? नहीं ना …. ये तो आपकी खुद की मेहनत होती है कोचिंग तो केवल एक मार्गदर्शक है अतएव इस तरह का दिखावा करने वाले कोचिंग संस्थानों से बचें !


Reason – 9 अक्सर हम सोचते हैं की आई ए एस में सफल होने वाले अभ्यर्थी हमारे सफल मार्गदर्शक बनेंगे लेकिन यह सच नहीं है मैंने अब तक 100 से ज्यादा इंटरव्यू को पढ़ा है उनमे से 70 प्रतिशत अभ्यर्थी आई ए एस को चीन की महान दीवार बताते हैं . उनका कहना होता है की हमने आई ए एस बनने के लिए 15 से 18 जानते पढ़ाई की .. …पर क्या यह सही है ? शायद नहीं … क्योकि आप खुद सोचिये जो 18 घंटे पढ़ेगा वह कब खायेगा , कब सोयेगा , और कब अपनी सारी दिनचर्या का सफल निर्वाह करेगा , बस उनकी इसी बातों से हमारे नए अभ्यर्थी आई ए एस की तैयारी को बहुत बड़ा मानते हैं और इसकी तैयारी से बचते हैं ..पर मैं मानता हूँ कि आई ए एस अधिकतम 8 घंटे की भी मेहनत वाली पढ़ाई से निकाला जा सकता है ….क्योकि किसी ने सही कहा है ……………..
” सफल होने के लिए जरूरी नहीं हम कितना पड़ते हैं ,जरूरी है की हम क्या पढ़ते है “ आशा है आप लोग इसका मतलब समझ गए होंगे

आपका अपना शरद तिवारी ” निःशब्द “

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Author: Nitin Gupta

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