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मध्यप्रदेश के प्रमुख व्यक्तित्व !! MP GK – Famous Personalities of Madhya Pradesh

Famous Personalities of Madhya Pradesh
Written by Nitin Gupta

Famous Personalities of Madhya Pradesh

नमस्कार दोस्तो , स्वागत है आप सभी का हमारी बेबसाइट पर ! 

दोस्तो आज की इस पोस्ट में हम आपको MP GK के अंतर्गत मध्यप्रदेश के प्रमुख व्यक्तित्व ( Famous Personalities of Madhya Pradesh ) के बारे में बताने जा रहे हैं  , जो आपको MP State के आने बाले सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे MPPSC 2020, MP SI, MP Police, MP Vyapam व अन्य मध्यप्रदेश राज्य के Competitive Exams  के लिये बहुत ही उपयोगी होगी ! तो आप सभी से निवेदन है कि आप इस पोस्ट को पुरी तरह से रट डालिये ! जिससे की इससे संबंधित आपका कोई की Question Exams में गलत न हो !

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MP GK – Famous Personalities of Madhya Pradesh

बंशी कोल ( Banshi Kaul )

इनका जन्‍म 23 अगस्‍त 1949 को हुआ था। ये भारतीय नाट्य मंच से सम्‍बन्धित हैं। इन्‍हें अन्‍तर्राष्‍ट्रीय अभिनेता, निर्देशक तथा लेखक के रूप में ख्‍याति प्राप्‍त हैं। इन्‍हें अनेक राष्‍ट्रीय तथा अंतर्राष्‍ट्रीय पुरस्‍कारों से सम्‍मानित किया जा चुका है।

बिरजू महाराज ( Birju Maharaj )

कथक सम्राट बिरजू महाराज का जन्‍म 4 फरवरी, 1938 को वाराणसी में हुआ था। इन्‍होनें देश-विदेश में अनेक नृत्‍य कार्यक्रम प्रस्‍तुत करके शास्‍त्रीय नृत्‍य कत्‍थक का गौरव बढ़ाया है। इन्‍हें कालीदास पुरस्‍कार, संगम कला पुरस्‍कार आदि से सम्‍मानित किया गया हे।

अन्‍नू कपूर ( Annu Kapoor )

अन्‍नू कपूर ने अपना कैरियर ”रूका हुआ फैसला” नाटक से शुरू किया। नेशनल स्‍कूल ऑफ ड्रामा से प्रशिक्षित अन्‍नू कपूर दूरदर्शन के राष्‍ट्रीय एवं अन्‍तर्राष्‍ट्रीय कार्यक्रमों के अभिनेता, संचालक तथा आयोजक हैं। इनकी कृतियों को राष्‍ट्रपति द्वारा कथा पुरस्‍कार तथा मध्‍यप्रदेश कला परिषद् द्वारा रजा पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया है।

बेगम असगरीबाई ( Begam Asgari Bai )

इनका जन्‍म 12 अगस्‍त, 1918 को छतरपुर में हुआ था। ये शास्‍त्रीय संगीत की प्रसिद्ध गायिका थी। इन्‍हें शिखर सम्‍मान, तानसेन सम्‍मान तथा पद्मश्री से सम्‍मानित किया गया। इनका निधन 29 अगस्‍त, 2006 को टीकमगढ़ में हुआ था।

जादूगर आनन्‍द ( Jadugar Anand )

इनका जन्‍म 3 फरवरी, 1952 को हुआ। ये अन्‍तर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति के जादूगर हैं। इन्‍हें ब्रुसेल्‍स पुरस्‍कार, मैजिक ऑफ ट्रस्‍ट अवार्ड तथा अन्‍य राष्‍ट्रीय पुरस्‍कारों से सम्‍मानित किया जा चुका है।

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हबीब तनवीर ( Habib Tanvir )

इनका जन्‍म 1 सितम्‍बर 1923 को रायपुर छत्‍तीसगढ़ में हुआ। ‘छोटा थियेटर’ के प्रसिद्ध नाटककार थे। इन्‍हें नाटकों के निर्देशक के रूप में ख्‍याति प्राप्‍त है। इन्‍हें कई राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार के अलावा मैग्‍सेसे पुरस्‍कार से भी सम्‍मानित किया जा चुका है।

अली अकबर खाँ ( Ali Akbar Khan )

इनका जन्‍म 14 अप्रैल 1822 को हुआ था। ये भारत के सर्वश्रेष्‍ठ सरोदवादकों में से एक थे। इन्‍होनें सर्वप्रथम इलाहाबाद में अपनी रचना गौरी मंजरी का प्रदर्शन किया था। यह महाराजा जोधपुर के दरबार में भी रहे।

अशोक कुमार ( Ashok Kumar )

इनका जन्‍म 13 अक्‍टूबर, 1911 को हुआ। इन्‍होंने अभिनय सफर नैया फिल्‍म से शुरू किया। इन्‍हें संगीत नाटक अकादमी, फिल्‍म फेयर पुरस्‍कार तथा दादा साहेब फाल्‍के पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया है। इनका निधन 10 दिसम्‍बर, 2001 को हो गया।

कुमार गन्‍धर्व ( Kumar Gandharva )

इनका जन्‍म 8 अप्रैल, 1924 को बेलगाँव के सुलेमानी ग्राम में हुआ था। ये किसी बीमारी के कारण देवास की एक पहाड़ी पर गए और वहीं बस गए। इनका मूल नाम शिवपुत्र था। ये देश के उच्‍चकोटि के ख्‍याल गायक हैं। लगभग चार सौ लोकगीतों के संग्रहकर्ता कुमार गन्‍धर्व को वर्ष 1973 में विक्रम विश्‍वविद्यालय, उज्‍जैन द्वारा ‘डाक्‍टर ऑफ लिटरेचर्स’ की मानद उपाधि से सम्‍मानित किया गया।

कार्तिकराम ( Kartik Ram )

ये शास्‍त्रीय नृत्‍य में पारंगत थे। कार्तिकराम नृत्‍य के अतिरिक्‍त ठुमरी, खमसा, गजल तथा भजन के कुशल गायक थे। दिल्‍ली के अखिल भारतीय संगीत सम्‍मेलन (1939) में इनको लक्ष्‍मीताल 52 मात्रा पर नृत्‍य करने के उपरान्‍त एक शील्‍ड दी गई, जिस पर ‘नृत्‍य सम्राट’ अंकित था।

तानसेन (रामतनु पाण्‍डे) ( Tansen )

तानसेन का जन्‍म 1506 ई. में ग्‍वालियर जिले के बेहट गाँव में हुआ था। सर्वप्रथम इन्‍हें रीवा के राजा रामचन्‍द्र अपने दरबार में लाए, जहाँ से सम्राट अकबर इन्‍हें अपने साथ ले आए तथा नवरत्‍नों में शामिल कर लिया। तानसेन को ‘भैरव राग’ में विशेष सिद्धि प्राप्‍त थी। ‘दीपक राग’ को गाने वाले मात्र तानसेन ही थे। 1585 ई. में इनकी दिल्‍ली में मृत्‍यु हुई तथा इनकी इच्‍छानुसार ग्‍वालियर में मोहम्‍मद गौस की समाधि के बराबर में ही तानसेन की समाधि बना दी गई।

कृष्‍णराव पण्डित ( Krishna Rao Pandit )

इनका जन्‍म 27 जुलाई 1894 को हुआ। ग्‍वालियर घराने के प्रतिनिधि ख्‍याल गायक कृष्‍णराव भूतपूर्व ग्‍वालियर राज्‍य के दरबारी गायक थे। वर्ष 1914 में आपने गान्‍धर्व महाविद्यालय की नींव डाली, जो अब पिता की स्‍मृति में शंकर गान्‍धर्व महाविद्यालय, ग्‍वालियर के नाम से जाना जाता है। जो संगीत मार्तण्‍ड के नाम से जाने जाते हैं।

जावेद अख्‍तर ( Javed Akhtar )

ये प्रसिद्ध कवि एवं फिल्‍म लेखक हैं। इन्‍हें 9 बार फिल्‍म फेयर पुरस्‍कार तथा अनेक बार राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया है।

ओमप्रकाश चौरसिया ( Omprakash Chaurasiya )

इनका जन्‍म 15 दिसम्‍बर, 1946 को हुआ था। ये विश्‍वविख्‍यात सन्‍तूर वादक है, जिन्‍होने समस्‍त यूरोपीय देशों, ब्रिटेन, अमेरिका तथा बांग्‍लादेश में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

गुलाम हुसैन खान ( Ghulam Hussain Khan )

इनका जन्‍म वर्ष 1927 में इंदौर में हुआ था। गुलाब हुसैन खान विख्‍यात सितार वादक है। सितार बजाने की इनकी कला को ‘बीनकार बालज’ की संज्ञा दी गई है। ये सितार पर ख्‍याल, ठुमरी, दादरा एवं ध्रुपद आदि बजाते थे।

मकबूल फिदा हुसैन ( Maqbool Fida Husain )

इनका जन्‍म दिसम्‍बर, 1915 में हुआ था। वर्ष 1947 में पहली प्रदर्शनी आयोजित करके ये अन्‍तर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति के चित्रकार बने। इनकी प्रदर्शनियाँ चीन, अमेरिका, इराक, ब्रिटेन आदि देशों में लग चुकी हैं। इन्‍हें वर्ष 1966 में पद्मश्री, वर्ष 1973 में पद्म भूषण तथा वर्ष 1987 में कालिदास सम्‍मान से सम्‍मानित किया जा चुका है। जिन्‍होंने बाद में कतर की नागरिकता प्राप्‍त की थी।

अमजद अली खान ( Amjad Ali Khan )

इनका जन्‍म 9 अक्‍टूबर, 1945 को हुआ। ये अन्‍तर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त सरोद वादक हैं, जिन्‍होंने 12 वर्ष की अल्‍पायु में ही एकल प्रस्‍तुति देकर प्रशंसा प्राप्‍त की थी। इन्‍होंने ‘राग’ संगीत में अनेक अभिनव प्रयोग किए हैं। यह पद्मश्री, पद्मभूषण व पद्म विभूषण पुरस्‍कारों सहित अनेक अन्‍तर्राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार अर्जित कर चुके हैं।

बाबा अलाउद्दीन खाँ ( Baba Allauddin Khan )

इनका जन्‍म मध्‍यप्रदेश की पूर्व रियासत त्रिपुरी के शिवपुर ग्राम में माथुर खाँ के यहाँ 1881 ई. में हुआ था। ये सरोद सम्राट के नाम से भी विख्‍यात हैं। मैहर घराने के सर्वप्रथम सितार वादक बाबा अलाउद्दीन खाँ के निवास स्‍थान ‘मदीना भवन-शान्ति कुटीर’ संगीत का तीर्थ स्‍थान माना जाता है। वर्ष 1958 में इन्‍हें पद्म भूषण तथा वर्ष 1971 में पद्म विभूषण से सम्‍मानित किया गया।

हाफिज अली खाँ ( Hafiz Ali Khan )

सरोद वादक उस्‍ताद हाफिज अली खाँ का जन्‍म 1888 ई. में ग्‍वालियर में हुआ था। सरोद वादन की शिक्षा इन्‍हें अपने पिता श्री नन्‍हें खाँ से मिली। वर्ष 1960 में इन्‍हें पद्मभूषण की उपाधि से अलंकृत किया गया।

मुश्‍ताक अली ( Mushtaq Ali )

इनका जन्‍म 14 दिसम्‍बर, 1914 को इन्‍दौर में हुआ था। वर्ष 1931 में इन्‍होंने अपना प्रथम टेस्‍ट तथा वर्ष 1952 में अपना अन्तिम टेस्‍ट मैच खेला। इन्‍होनें प्रथम श्रेणी मैचों में 10000 से अधिक रन बनाए हैं। ये एमसीसी के आजीवन मानद सदस्‍य भी रहे हैं। इन्‍हें पद्मश्री से भी सम्‍मानित किया जा चुका है। 18 जून, 2005 को इनका इन्‍दौर में निधन हो गया।

राजेश्‍वरी ढोलकिया ( Rajeshwari Dholakia )

महिला क्रिकेट की इस अन्‍तर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त खिलाड़ी ने वर्ष 1975 में ऑल राउण्‍डर के रूप में भारतीय टीम में प्रवेश किया। इन्‍होंने वर्ष 1976 में ऑस्‍ट्रेलिया, न्‍यूजीलैण्‍ड के दौरे पर अपने प्रदर्शन का लोहा मनवाया।

मधु यादव ( Madhu Yadav )

ये भारतीय महिला हॉकी की अन्‍तर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त खिलाड़ी हैं। इन्‍होनें वर्ष 1979 तथा वर्ष 1980-81 में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्‍व किया।

शंकर लक्ष्‍मण (गोली) ( Shankar Lakshman )

इनका जन्‍म इन्‍दौर में 7 जुलाई, 1933 को हुआ था। इन्‍होनें वर्ष 1964 में ओलम्पिक खेलों में भाग लिया। वर्ष 1966 में एशियाई खेलों में इन्‍होंने भारत की हॉकी टीम का नेतृत्‍व किया। ये गोलकीपर के रूप में खेलते थे। सेना से अवकाश ग्रहण करने के पश्‍चात ये महू (इन्‍दौर) में हॉकी खिलाडि़यों को प्रशिक्षण देते थे। इन्‍हें अर्जुन पुरस्‍कार पद्मश्री से सम्‍मानित किया जा चुका है।

संध्‍या अग्रवाल ( Sandhya Agrawal )

ये भारतीय महिला क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्‍व कर चुकी हैं। इन्‍हें अर्जुन पुरस्‍कार तथा विक्रम पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया जा चुका है।

स्निग्‍धा मेहता ( Snigdha Mehta )

ये भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी थीं। इन्‍होंने अन्‍तर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर अनेक बार भारत का नेतृत्‍व किया।

सुशील दोषी ( Susheel Doshi )

इनका जन्‍म 9 जून, 1947 को हुआ था। इन्‍दौर निवासी श्री दोषी हिन्‍दी के क्रिकेट कॉमेण्‍ट्रेटर हैं। ये विदेशों में भी भारतीय क्रिकेट टीम के साथ ऑस्‍ट्रलिया, इंगलैण्‍ड, पाकिस्‍तान आदि देशों में जा चुके हैं। ये स्‍टेट बैंक ऑफ इन्‍दौर के निदेशक हैं।

अमीर खाँ ( Aameer Khan )

वर्ष 1913 में इन्‍दौर में जन्‍मे ख्‍याल गायक अमीर खाँ को भारत शासन के अकादमी अवार्ड व पद्मभूषण अवार्ड से सम्‍मानित किया जा चुका है। अपनी गायिकी से इन्‍होंने ‘इन्‍दौर घराने’ की नींव डाली।

मौलाना बरकतुल्‍ला ( Maulana Barkatullah )

इनका जन्‍म भोपाल में 1862 ई. में हुआ था। इन्‍होनें अमेरिका में गदर पार्टी की स्‍थापना की और विदेशों में भारत की आजादी के लिए अपना पक्ष रखा। 1 नवम्‍बर 1913 को इन्‍होंने गदर नामक साप्‍ताहिक-पत्र निकाला, जिसके सम्‍पादक डॉ. बरकतुल्‍ला और रामचन्‍दर थे। 27 सितम्‍बर, 1927 को इनका निधन हो गया।

कैलासनाथ काटजू ( Kailashnath Katju )

इनका जन्‍म 17 जून, 1887 को मध्‍यप्रदेश की जावरा रतलाम रियासत में हुआ था। इन्‍होनें वर्ष 1908 में कानपुर से वकालत शुरू की। वर्ष 1937 में वकालत को त्‍याग कर कांग्रेस में शामिल हो गए। ये उड़ीसा (ओडिशा) और पश्चिम बंगाल (पश्चिम बंग) के राज्‍यपाल भी रहे। वर्ष 1957 से 1962 तक ये मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री भी रहे। श्री काटजू ने ‘इलाहाबाद लॉ जर्नल’ का सम्‍पादन भी किया था।

श्री बी. पट्टाभि सीतारमैया ( Pattabhi Sitaramayya )

इनका जन्‍म आंध्रप्रदेश में 24 नवम्‍बर सन् 1880 ई. को हुआ था। डा. पट्टाभि सीतारमैया का नाम आधुनिक भारत के इतिहास में उललेखनीय है। ये भारतीय कांग्रेस के भूतपूर्व अध्‍यक्ष, गाँधीवाद के प्रख्‍यात आचार्य एवं व्‍याख्‍याता, उच्‍च कोटि के लेखक तथा मध्‍यप्रदेश के प्रथम राज्‍यपाल थे। Famous Personalities of Madhya Pradesh

श्री रविशंकर शुक्‍ल ( Pandit Ravishankar Shukla )

म. प्र. के प्रथम मुख्‍यमंत्री श्री शुक्‍ल का जन्‍म 2 अगस्‍त, 1877 को सागर में हुआ था। इनकी शिक्षा सागर तथा रायपुर में हुई। प्रारम्‍भ में श्री शुक्‍ल शिक्षक रहे एवं 1906 में रायपुर में इन्‍होनें वकालत प्रारम्‍भ की। इनकी गणना चोटी के वकीलों में होती थी। इन्‍होंने स्‍वतंत्रता आन्‍दोलन में भाग लिया तथा आजादी के समय स्‍वतन्‍त्रता सेनानी की महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई। राज्‍य पुनर्गठन के पश्‍चात गठित नए मध्‍यप्रदेश के प्रथम मुख्‍यमन्‍त्री बनाए गए।

प्रकाशचन्‍द्र सेठी ( Prakash Chand Sethi )

इनका जन्‍म 19 अक्‍टूबर, 1920 को झालरापाटन में हुआ था। ये मध्‍यप्रदेश तथा केन्‍द्र सरकार में विभिन्‍न विभागों में मन्‍त्री रहे थे एवं म.प्र. के मुख्‍यमंत्री भी रहे।

गोविन्‍द नारायण सिंह ( Govind Narayan Singh )

इनका जन्‍म 25 जुलाई, 1920 में हुआ था। इन्‍होनें वर्ष 1948 में ‘भारतीय प्रशासनिक सेवा’ से त्‍यागपत्र दे दिया। वर्ष 1967 में ये म.प्र. के मुख्‍यमन्‍त्री बने। इन्‍हें बिहार का राज्‍यपाल बनने का गौरव भी प्राप्‍त है।

द्वारिका प्रसाद मिश्र ( Dwarika Prasad Mishra ) 

मिश्रजी का जन्‍म 5 अगस्‍त, 1901 को हुआ था। वर्ष 1920 से सविनय अवज्ञा आन्‍दोलन में शामिल होकर इन्‍होनें अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया। पंडित मोतीलाल नेहरू के नेतृत्‍व वाली केन्‍द्रीय विधानसभा में इन्‍हें विपक्ष का सचेतक बनाया गया था। वर्ष 1963 से 1967 तक ये मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमन्‍त्री भी रहे। वर्ष 1922 में इन्‍होंनें ‘श्री शारदा’ का सम्‍पादन किया तथा वर्ष 1942 में हिन्‍दी की साप्‍ताहिक पत्रिका ‘सराठी’ प्रारम्‍भ की। इनके द्वारा रचित पुस्‍तकें हें – कृष्‍णायन व अनुदिता।

अटल बिहारी वाजपेयी ( Atal Bihari Vajpayee )

वाजपेयीजी का जन्‍म ग्‍वालियर में 25 दिसम्‍बर, 1926 को हुआ था। इनकी शिक्षा ग्‍वालियर और कानपुर में हुई। इनके पिता का नाम कृष्‍ण बिहारी वाजपेयी था। इन्‍होंने भारत छोड़ो आन्‍दोलन से सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया। ये ‘जनसंघ’ के संस्‍थापक सदस्‍यों में से एक थे। जिन्‍हें भारत रत्‍न से नवाजा गया है। ये वर्ष 1951 से 1957 तक लोकसभा के तथा वर्ष 1957 से 1977 तक राज्‍यसभा के सदस्‍य रहे। इन्‍होंने वर्ष 1966-67 में कनाडा में आयोजित ‘गुट-निरपेक्ष संसदीय सम्‍मेलन’ में भारतीय प्रतिनिधिमण्‍डल का नेतृत्‍व किया। वर्ष 1967 से 1984 तक ये ‘लोकसभा की लोक लेखा समिति’ के अध्‍यक्ष रहे। वर्ष 1977 में गठित जनता पार्टी की सरकार में ये विदेश मन्‍त्री रहे। वर्ष 1999 में ये तीसरी बार प्रधानमन्‍त्री बने। इनके द्वारा रचित पुस्‍तकें हैं – मेरी इक्‍यावन कविताएँ, जनसंघ और मुसलमान, मेरी संसद यात्रा के आत्‍मकथा इत्‍यादि। 16 अगस्‍त 2018 को इनका निधन हो गया है।

अर्जुन सिंह ( Arjun Singh )

इनका जन्‍म 5 नवम्‍बर, 1930 को चुरहट जिला सीधी में हुआ था। ये मध्‍यप्रदेश के विभिन्‍न विभागों में मन्‍त्री पद को सुशोभित कर चुके हैं। वर्ष 1980 में ये मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमन्‍त्री बने थे। केन्‍द्रीय स्‍तर पर भी ये कई बार मन्‍त्री बन चुके हैं। वर्श 2010 में इनका निधन हो गया। फूलनदेवी के समर्पण के समय म.प्र. के मुख्‍यमंत्री थे।

उमा भारती ( Uma Bharti )

उमा भारती का जन्‍म 3 मई, 1959 को टीकमगढ़ के डुण्‍डा में हुआ था। ये 8 दिसम्‍बर, 2003 को मध्‍यप्रदेश की प्रथम महिला मुख्‍यमन्‍त्री बनी थीं। ये वर्ष 1989, 1991, 1996, 1998, 1999, एवं 2014 में लोकसभा सदस्‍य बनी। इनके द्वारा लिखित पुस्‍तकें हैं – स्‍वामी विवेकानन्‍द (1972), पीस ऑफ माइण्‍ड (1978), तथा मानव : एक भक्ति का नाता (1983)

डॉ. शंकर दयाल शर्मा ( Dr Shankar Dayal Sharma )

इनका जन्‍म भोपाल में 19 अगस्‍त, 1918 को हुआ था। डौ. शर्मा ने सेण्‍ट जॉन्‍स कॉलेज आगरा से स्‍नातक, इलाहाबाद से एम.ए. लखनऊ विश्‍वविद्यालय से डॉक्‍टरेट की उपाधि प्राप्‍त की। वर्ष 1952 से 1956 तक ये भोपाल स्‍टेट के मुख्‍यमन्‍त्री रहे। वर्ष 1956 में मध्‍य प्रदेश के गठन के बाद डॉ. शर्मा राज्‍य मन्त्रिमण्‍डल में मन्‍त्री बने। वर्ष 1972 में डॉ. शर्मा को कांग्रेस का अध्‍यक्ष बनाया गया और ये वर्ष 1974 तक पद पर रहे। वर्ष 1992 से 1997 तक भारत के राष्‍ट्रपति भी रहे। डॉ. शर्मा द्वारा लिखी गई पुस्‍तक का नाम है – कांग्रेस अप्रोच टू इण्‍टरनेशनल अफेयर्स। डॉ. शर्मा का निधन 26 दिसम्‍बर, 1999 को हो गया। Famous Personalities of Madhya Pradesh

विजयाराजे सिन्धिया ( Vijayaraje Scindia )

राजमाता विजयाराजे सिन्धिया का जन्‍म 12 अक्‍टूबर, 1919 को सागर जिले में ठाकुर महेन्‍द्र (नेपाल के राजा के वंशज) के यहाँ हुआ था। इनका बचपन का नाम लेखा दिव्‍येश्‍वरी था। वे मैट्रिक पास करने वाली प्रथम नेपाल महिला थी। इनका विवाह ग्‍वालियर के महाराज जीवाजीराव सिन्धिया से हुआ था। ये प्रथम बार वर्ष 1957 में गुना से लोकसभा के लिए चुनी गई थीं। 25 जनवरी, 2001 को इनका निधन हो गया।

सुब्‍बाराव ( Subba Rao )

ये कांग्रेस सेवा दल से सम्‍बद्ध रहे हैं। इन्‍होनें चम्‍बर घाटी में डाकुओं के आत्‍मसमर्पण में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इन्‍होनें मुरैला जिले में एक गाँधी आश्रम की स्‍थापना की थी।

कान्‍ता बेन त्‍यागी ( Kantaben Tyagi )

इनका जन्‍म 27 मई, 1924 को हुआ था। इन्‍होंने वर्ष 1953 में खरगोन जिले के सुदूर आदिवासी अंचल में स्थित ग्राम निवाली में कन्‍या आश्रम की नींव डाली। इन्‍होंने आदिवासी अंचल में व्‍यापक जनजागरण का पथ प्रशस्‍त किया है और इनके द्वारा किए गए खुली अदालत जैसे – कल्‍याणकारी सामाजिक प्रयोग सफल हुए हैं। मध्‍य प्रदेश सरकार ने इन्‍हें वर्ष 1986 में इन्दिरा गाँधी समाजसेवा का राज्‍य स्‍तरीय पुरस्‍कार देकर सम्‍मानित किया।

हाफिज मोहम्‍मद खाँ ( Hafiz Ali Khan )

ये फिल्मों तथा लोक कलाओं के प्रसिद्ध कलाकार थे। इन्‍होंने ब्रिस्‍टल ओल्‍ड विक थियेटर स्‍कूल से नाट्य प्रदर्शन तथा ब्रिटिश ड्रामा लीग लन्‍दन से नाट्य शिक्षा प्राप्‍त की थी। ये वर्ष 1972 में राज्‍यसभा सदस्‍य मनोनीत किए गए। इन्‍हें संगीत नाटक अकादमी, पद्मश्री तथा शिखर सम्‍मान से सम्‍मानित किया गया है।

बाबा साहेब पूँछवाले

इनका जन्‍म 15 दिसम्‍बर, 1918 को ग्‍वालियर में हुआ था। बाबा साहेब को 1997 में तानसेन सम्‍मान से सम्‍मानित किया गया। इनकी बनारस के बसन्‍त कन्‍या महाविद्यालय में संगीत अध्‍यापक के रूप में वर्ष 1964 में नियुक्ति हुई थी परन्‍तु एक वर्ष बाद ही माधव संगीत महाविद्यालय, ग्‍वालियर में उप-प्रधानाध्‍यापक के स्‍थान पर इनकी नियुक्ति हुई। Famous Personalities of Madhya Pradesh

अजीजुद्दीन ( Azizuddin )

इनका जन्‍म 1 दिसम्‍बर, 1958 को हुआ था। भारतीय हॉकी टीम के सदस्‍य के रूप में इन्‍होंने वर्ष 1978 में ब्रिटेन तथा वर्ष 1979 में यूरोप की यात्रा की थी। वर्ष 1986 में इन्‍हें मध्‍य प्रदेश सरकार ने विक्रम पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया।

नरेन्‍द्र हिरवानी ( Narendra Hirwani )

इनका जन्‍म 18 अक्‍टूबर, 1968 को हुआ था। वर्ष 1987-88 में एक टेस्‍ट में वेस्‍टइण्‍डीज के खिलाफ 16 विकेट लेने का विश्‍व रिकॉर्ड इनके नाम है। वर्ष 1988-89 में इन्‍हें विक्रम पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया।

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Nitin Gupta

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