Child Development and Pedagogy CTET

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र ( Child Development and Pedagogy ) Part – 19 – पिछली परीक्षाओं में पूंछे गये महत्वपूर्ण Question and Answer

most-important-pedagogy-question-and-answers
Written by Nitin Gupta

नमस्कार दोस्तो , कैसे हैं आप ? I Hope आप सभी की पढाई अच्छी चल रही होगी 🙂

दोस्तो आज की हमारी पोस्ट बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से संबंधित उन प्रश्नों के बारे में है जिनको पिछ्ले Teaching के Exam जैसे CTET , UPTET , MP Samvida Teacher , HTET , REET आदि में कहीं न कहीं पूंछा गया है ! और आंगे आने बाले सभी तरह के Exams , जिनमें कि Child Development and Pedagogy से संबंधित प्रश्न पूंछे जाने हैं उनमें द्वारा पूंछे जाने कि पूरी पूरी संभाबना है तो आप सभी इन प्रश्नों को अच्छे से याद कर लीजिये 🙂

Child Development and Pedagogy के पिछ्ले Year के Question से संबंधित यह हमारा 19th पार्ट है व इसके अन्य पार्ट भी हम लगातार आपको अपनी बेबसाईट पर उपलब्ध कराते रहेंगे तो आप सभी से Request है कि आप हमारी बेबसाईट को विजिट करते रहिये ! 🙂

सभी बिषयवार Free PDF यहां से Download करें

Most Important Pedagogy Question and Answers

  • प्रतिभाशाली बच्‍चे – बिना किसी की सहायता के अपने सामर्थ्‍य का पूर्ण विकास करते हैं।
  • संकल्‍पनाओं की व्‍यस्थित प्रस्‍तुति विकास के निम्‍नलिखित किन सिद्धान्‍तों के साथ संबंधित हो सकती है – विकास सापेक्ष रूप से क्रमिक होता है।
  • बाल-केन्द्रित शिक्षा का समर्थन निम्‍नलिखित में से किस विचारक द्वारा किया गया – जॉन डयूबी
  • एकल अभिभावक वाले बच्‍चे को पढ़ाते समय शिक्षक को – इस तथ्‍य को अनदेखाकरना चाहिए और ऐसे बच्‍चे के साथ अन्‍य बच्‍चों के समान व्‍यवहार करना चाहिए।
  • विज्ञान एवं कला प्रदर्शनियाँ, संगीत एवं नृत्‍य प्रस्‍तुतियाँ तथा विद्यालय-पत्रिका निकालना, ………….. के लिए है – शिक्षार्थियों को सृजनात्‍मक मार्ग उपलब्‍ध कराने
  • एक शिक्षिका अपने विद्यार्थियों को अनेक तरह की सामूहिक गतिविधियों में व्‍य‍स्‍त रखती है, जैसे- समूह-चर्चा, समूह-परियोजनाएँ, भूमिका निर्वाह आदि। यह सीखने के किस आयाम को उजागर करता है। – सामाजिक गतिविधि के रूप में अधिगम
  • जब एक शिक्षिका दृष्टिबाधित शिक्षार्थी को कक्षा के अन्‍य शिक्षार्थियों के साथ सामूहिक गतिविधियों में शामिल करती है, तो वह – समावेशी शिक्षा की भावाना के अनुसार कार्य कर रही है।
  • एक शिक्षिका अपने शिक्षण में दृश्‍य-श्रव्‍य सामग्रियों और शारीरिक गतिविधियों का प्रयोग करती है क्‍योंकि – इनमें अधिकतम इंद्रियों का उपयोग सीखने को संवद्धितकरता है।
  • कोह्लबर्ग के अनुसार, सही और गलत प्रश्‍न के बारे में निर्णय लेने में शामिक चिन्‍तन-प्रक्रिया को कहा जाता है – नैतिक तर्कणा
  • एक विद्या‍र्थी अपने समकक्ष व्‍यक्तियों के समूह के प्रति आक्रामक व्‍यवहार करता है और विद्यालय के मानदण्‍डों को नहीं मानता। इस विद्यार्थी को ………….. में सहायता की आवश्‍यकता है – भावात्‍मक क्षेत्र
  • शिक्षकों को यह सलाह दी जाती है कि अपने शिक्षार्थियों को सामूहिक गतिविधियों में शामिल करें क्‍योंकि सीखने को सुगम बनाने के अतिरिक्‍त, ये ………. में भी सहायता करती है – समाजीकरण
  • समावेशी शिक्षा उस विद्यालयी शिक्षा व्‍यवस्‍था की ओर संकेत करती है – जो उनकी शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक, भाषिक या अन्‍य विभिन्‍न योग्‍यता सिथतियों को ध्‍यान में रखे बगैर सभी बच्‍चों को शामिल करती है।
  • शिक्षकों को अपने विद्यार्थियों की त्रुटियों का अध्‍ययन करना चाहिए क्‍योंकि वे प्राय: ……… की ओर संकेत करती है – आवश्‍यक उपचारात्‍मक युक्तियों
  • सीमा हर पाठ को बहुत जल्‍दी सीख लेती है जबकि लीना उसे सीखने में ज्‍यादा समय लेती है। यह विकास के ……….. सिद्धान्‍त को दर्शाता है – वैयक्तिक भिन्‍नता
  • निम्‍नलिखित में से ………….. के अतिरिक्‍त सभी वातावरणीय कारक विकास को आकार देते हैं – शारीरिक गठन
  • कक्षा-कक्ष में शिक्षक व विद्यार्थियों के मध्‍य सम्‍प्रेषण होना चाहिए – उद्देश्‍य केन्द्रित
  • यदि कोई बच्‍चा विद्यालय में हमेशा देर से पहुँचता है, तो आप क्‍या करेंगे– बच्‍चे से बातचीत करके कारण जानने का प्रयास करेंगे।
  • वर्तमान समय में शिक्षा का सबसे उपयुक्‍त उपगम कौन सा है – सृजनवादी उपागम
  • निम्‍नलिखित में से कौन सी आकलन पद्धति विद्यार्थियों की सर्वोत्‍तम क्षमता को पोषित करेगी – जब संकल्‍पनात्‍मक परिवर्तन तथा विद्यार्थियों के वैकल्पिक समाधानों को आकलन की विभिन्‍न विधियों के द्वारा आकलित किया जाता है।
  • परीक्षा में विद्यार्थियों से किस प्रकार के प्रश्‍न पूछने चाहिए – समझ एवं अनुप्रयोग आधारित
  • एक कक्षा में बहुभाषी विद्यार्थी हैं, यह स्थिति उत्‍पन्‍न करती है – सीखने के समृद्ध संसाधन
  • यदि कक्षा में पढ़ाते समय आपको महसूस होता है कि अचानक सभी बच्‍चे पढ़ने में रुचि नहीं ले रहे हैं, तो आप क्‍या करेंगे – कारण जानने की कोशिश करेंगे।
  • निष्‍पत्ति लब्धि (AQ) का सूत्र होता है
  • उच्‍च प्राथमिक स्‍तर पर शिक्षक को क्रियात्‍मक शोध का ज्ञान होना चाहिए क्‍योंकि वे – इसके माध्‍यम से बच्‍चों की समस्‍या की पहचान कर सुधार करने का कौशल विकसित कर पाएँगे।
  • यदि आपकी कक्षा का कोई बच्‍चा चुप रहता है, तो आप क्‍या करेंगे – उसके चुप रहने के कारण को जानने का प्रयास करेंगे।
  • सतत् एवं व्‍यापक मूल्‍यांकन से तात्‍पर्य है – सीखने की प्रक्रिया के दौरान शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक क्षेत्रों को नियमित रूप से आंकलित करना।

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र व से संबंधित सभी Notes व PDF यहां से Download करें

  • बालक केन्द्रित शिक्षा के अंतर्गत क्‍या सम्मिलित नहीं है – गृह कार्य प्रदान करना।
  • बच्‍चों को सीखने-सीखाने की प्रक्रिया के दौरान, वे उस कार्य को किस प्रकार से कर रहे हैं, इसकी जानकारी इन्‍हें – कार्य करते समय सतत्रूप से दी जानी चाहिए।
  • यदि आपकी कक्षा में कोई बच्‍चा अधिगम अक्षम हो, तो आपक क्‍या करेंगे – उसकी अक्षमता किस प्रकार की है यह जानकर उसको सिखाने का प्रयास करेंगे।
  • वर्तमान समय में शिक्षक की भूमिका है – सुगमकर्ता की
  • ‘प्रयोजना विधि’ के प्रतिपादक है – किलपेट्रिक
  • मूल्‍यांकन प्रक्रिया के जीन महत्‍वपूर्ण बिन्‍दु हैं – उद्देश्‍य, अधिगम अनुभव व मूल्‍यांकन के उपकरण
  • कक्षा-कक्ष का वातावरण होना चाहिए – मित्रतापूर्ण
  • कठोर शिलप उपागम किस सिद्धान्‍त पर आधारित है – इंजीनियरिंग
  • किशोरावस्‍था में बच्‍चे किस प्रकार की समस्‍या का सामना करते हैं – शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन से समायोजन करना।
  • निम्‍न में से कौन सा लक्षण किसी मापक उपकरण के लिए सर्वाधिक वांछनीय है – विश्‍वसनीयता
  • प्रधानाध्‍यापक का वरिष्‍ठ शिक्षक के लिए विद्यालय में कौनसी नेतृत्‍व शैली बेहतर है – प्रजातांत्रिक नेतृत्‍व
  • कक्षा में जेंडर रुढि़बद्धता से बचने के लिए एक शिक्षक को – लड़के-लड़कियों को एक साथ अ-पारम्‍परिक भूमिकाओं में रखना चाहिए।
  • सतत् और व्‍यापक मूल्‍यांकन………. पर बल देता है – सीखने को किस प्रकार अवलोकित, रिकॉर्ड और सुधारा जाए इस पर
  • विद्यालय आधारित आकलन – परिचित वातावरा में सीखने में सभी शिक्षार्थियों की मदद करता है।
  • एक शिक्षिका की कक्षा में कुछ शारीरिक विकलांगता वाले बच्‍चे हैं, निम्‍नलिखित में से उसके लिए क्‍या कहना सबसे उचित होगा – मोहन खेल के मैदान में जाने के लिए आप अपनी बैसाखियों का प्रयोग क्‍यों नहीं करते।
  • एक समावेशी विद्यालय – शिक्षार्थियों की क्षमताओं की परवाह किए बिना सभी के अधिगम-परिणामों को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध होता है।
  • एक शिक्षक(को) – जब शिक्षार्थी विचारों को सम्‍प्रेषित करने की कोशिश कर रहे हों, तो उन्‍हें ठीक नहीं करना चाहिए।
  • सीमा परीक्षा में A+ ग्रेड प्राप्‍त करने के लिए अति इच्‍छुक है, जब वह परीक्षा भवन में दाखिल होती है तथा परीक्षा प्रारम्‍भ होती है, वह अत्‍यधिक नर्वस हो जाती है, उसके पाँव ठंडे पड़ जाते हैं, उसके हृदय की धड़कन बहुत तेज हो जाती है और वह उचित तरीके से उत्‍तर नहीं दे पाती, इसका मुख्‍य कारण हो सकता है – शायद यह अकस्‍मात् संवेगात्‍मक आवेग का सामना नहीं कर सकती।
  • निम्‍नलिखित में कौन सी संज्ञानात्‍मक क्रिया दी गई सूचनाके विश्‍लेषण के लिए प्रयोगमें लाई जाती है – अंतर करना।
  • राजेश अति लोलुप पाठक है, वह अपने कोर्स की पुस्‍तकें पढ़ने के अतिरिक्‍त पाय: पुस्‍तकालय जाता है और भिन्‍न प्रकरणों पर पुस्‍तकें पढ़ता है, इतना ही नहीं, राजेश भोजन-अवकाश में अपने परियोजना कार्य करता है। उसके परीक्षाओं के लिए पढ़ने के लिए अपने शिक्षकों अथवा अभिभावकों द्वारा कभी भी कहने की जरूरत नहीं हैं और वास्‍तव में सीखने का आनंद लेता नजर आता है, उसे ……….. के रूप में सर्वाधिक बेहतर रूप में वर्णित किया जा सकता है – आंतरिक रूप से अभिप्रेरित शिक्षार्थी
  • समावेशी शिक्षा – कक्षा में विविधता का उत्‍सव मनाती है।
  • निम्‍नलिखित में से कौन सा वस्‍तुनिष्‍ठ प्रश्‍न है – सत्‍य या असत्‍य
  • निम्‍नलिखित में से कौन सी प्रगतिशील शिक्षा की विशेषता है – बार-बार ली जाने वाली परीक्षाएँ
  • एक शिक्षक प्रश्‍न-पत्र बनाने के बाद, यह जाँच करता है कि क्‍या प्रश्‍न परीक्षण के विशिष्‍ट उद्देश्‍यों की परीक्षा ले रहे हैं, यह मुख्‍य रूप से प्रश्‍न-पत्र की/के ……….. के बारे में चिंतित हैं – वैधता
  • विवेचनात्‍मक शिक्षाशास्‍त्र का यह दृढ़ विश्‍वास है कि – शिक्षार्थियों के अनुभव और प्रत्‍यक्षण महत्‍वपूर्ण होते हैं।
  • विद्यालय-आधारित आकलन मुख्‍य रूप से किस सिद्धान्‍त पर आधारित होता है – बाह्य परीक्षकों की अपेक्षा शिक्षक अपने शिक्षार्थियों की क्षमताओं को बेहतर मानते हैं।
  • एक शिक्षिका अपने शिक्षार्थियों की विभिन्‍न अधिगम-शैलियों को संतुष्‍ट करने के लिए वैविध्‍यपूर्ण कार्यों का उपयोग करती है वह ………… से प्रभावित है – गार्डनर के बहु‍बुद्धि सिद्धान्‍त
  • एक शिक्षिका अपने आप से कभी प्रश्‍नों के उत्‍तर नहीं देती, वह अपने विद्यार्थियों को उत्‍तर देते के लिए,समूह चर्चाएँ और सहयोगात्‍मक अधिगम अपनाने के लिए प्रोत्‍साहित करती है, यह उपागम …………. के सिद्धान्‍त पर आधारित है – सक्रिया भागीदारिता
  • निम्‍नलिखित में से कौन सा शिक्षक से संबंधित अधिगम को प्रभावित करने वाला कारक है – विषय-वस्‍तु में प्रवीणता
  • कोह्लबर्ग के अनुसार, शिक्षक बच्‍चों में नैतिक मूल्‍यों का विकास कर सकता है – नैतिक मुद्दों पर आधारित चर्चाओं में उन्‍हें शामिल करके
  • छोटे शिक्षार्थियों को कक्षा-कक्ष में समवयस्‍कों के साथ अंत:क्रियाकरने के‍ लिए प्रोत्‍साहित प्रोत्‍साहित करना चाहिए जिससे – वे एक-दूसरे से प्रश्‍नों के उत्‍तर सीख सकें।
  • जब एक निर्योग्‍य बच्चा पहली विद्यालय आता है, जो शिक्षक को क्‍या करना चाहिए – बच्‍चों की निर्योग्‍यता के अनुसार उसे विशेष विद्यालय में भेजने का प्रस्‍ताव देना चाहिए।
  • जब बच्‍चा कार्य करते हुए ऊबने लगता है, तो यह इस बात का संकेत है कि – संभवत: कार्य यांत्रिक रूप से बार-बार हो रहा है।
  • प्राय: शिक्षार्थियों की त्रुटियाँ ……………. की ओर संकेत करती है – सीखने की अनुपस्थिति

Click Here to Subscribe Our Youtube Channel

और भी पढें – 

दोस्तो आप मुझे ( नितिन गुप्ता ) को Facebook पर Follow कर सकते है ! दोस्तो अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो इस Facebook पर Share अवश्य करें ! क्रपया कमेंट के माध्यम से बताऐं के ये पोस्ट आपको कैसी लगी आपके सुझावों का भी स्वागत रहेगा Thanks!

दोस्तो कोचिंग संस्थान के बिना अपने दम पर Self Studies करें और महत्वपूर्ण पुस्तको का अध्ययन करें , हम आपको Civil Services के लिये महत्वपूर्ण पुस्तकों की सुची उपलब्ध करा रहे है –

UPSC/IAS व अन्य State PSC की परीक्षाओं हेतु Toppers द्वारा सुझाई गई महत्वपूर्ण पुस्तकों की सूची

Top Motivational Books In Hindi – जो आपकी जिंदगी बदल देंगी

सभी GK Tricks यहां पढें

TAG – Child Development and Pedagogy in Hindi , Education Psychology , बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र , CTET , Pedagogy For Vyapam Samvida Teacher , HTET , REET , Bal Vikas Shiksha Shastra Notes , Bal Vikas Question Answer in Hindi PDF , Introduction to Child Development , Learning , Child Development Notes for CTET , Child Development Notes for VYAPAM , Child Development and Pedagogy Notes for MP Samvida Shikshak , Child Development and Pedagogy Notes in Hindi for UPTET Notes , Child Development and Pedagogy PDF in Hindi , PDF Notes For MP Samvida Shikshak , Most Important Pedagogy Question and Answers

About the author

Nitin Gupta

GK Trick by Nitin Gupta पर आपका स्वागत है !! अपने बारे में लिखना सबसे मुश्किल काम है ! में इस विश्व के जीवन मंच पर एक अदना सा और संवेदनशीलकिरदार हूँ जो अपनी भूमिका न्यायपूर्वक और मन लगाकर निभाने का प्रयत्न कर रहा हूं !! आप मुझे GKTrickbyNitinGupta का Founder कह सकते है !
मेरा उद्देश्य हिन्दी माध्यम में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने बाले प्रतिभागियों का सहयोग करना है !! आप सभी लोगों का स्नेह प्राप्त करना तथा अपने अर्जित अनुभवों तथा ज्ञान को वितरित करके आप लोगों की सेवा करना ही मेरी उत्कट अभिलाषा है !!

Leave a Comment